नयी गोल्ड मोनेटिज़शन स्कीम की सारी जानकारी सिर्फ यहा पर

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गोल्ड मोनेटिज़शन स्कीम
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नयी गोल्ड मोनेटिज़शन स्कीम सारी जानकारी सिर्फ यहा पर

जानिए बैंक में सोना रखने की न्यूमतम सीमा घटा दी गयी है

नयी गोल्ड मोनेटिज़शन स्कीम सारी जानकारी सिर्फ यहा पर
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Introduction

हाल ही में सरकार ने एक बार फिर गोल्ड मोनेटिज़शन स्कीम में बदलाव के बाद प्रक्षेपण कर दिए है।
एक सर्वे के अनुसान यह पाया गया की हमारे देश में आज भी लोगों के पास करीब 22,०००- 23,००० सोना बेकार ही पड़ा हुआ ह। जिसका न उन्हें कुछ लाभ होरा है न ही देश को। सही शब्दों में ब्यान करे तो आज सरकार की नज़र लोगों के पास रखके सोने में है। घर में पड़े सोने पर लोगों का न तो return मिलता है न ही वो इस्तेमाल होता है।

Overview

इस आर्टिकल में हम पढ़ने वाले है नयी गोल्ड मोनतीज़ेशन स्कीम की सारी जानकारी सिर्फ यहा पर

नयी गोल्ड मोनेटिज़शन स्कीम के अनुसार बैंक में अब सोना रखने की न्यूनतम सीमा घटा दी गयी है। इस नई निति के अनुकूल अब कोई भी व्यक्ति न्यूनतम 10 ग्राम तक सोना जमा कर सकता है, पहले यह सीमा 30 ग्राम थी| नयी गोल्ड मोनेटिज़शन स्कीम के अनुसार अब जेवेलर और बैंको की रिपॉन्सिबिलिटी बढ़ गयी है।

कुछ खास बातें

इस नयी स्कीम के मुताबिक अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अब गोल्ड डिपॉजिट स्कीम मुहैया करानी होगी। इस काम के लिए बैंक में अब अलग अधिकारी भी रहेगा जो इस स्कीम बारे में लोगों को जानकारी बताएगा। सरकार भी अब सार्जनिक क्षेत्र के बैंकों से भी नई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (Gold Monetization Scheme ) में भाग लेने का अनुरोध करेगी, जो ज्वैलर्स को प्रोत्साहित करेगी।

संशोधित स्कीम के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) पहले चरण में मध्यम अवधि के गोल्ड डिपॉजिट (MTGD) और लॉन्ग टर्म गोल्ड डिपॉजिट (LTGD) सर्टिफिकेट जारी करेगा।

जानिये ख़ास बातें

गोल्ड Monetization स्कीम की मार्किट में ट्रेडिंग की जा सकेगी। योजना के तहत ज्वैलर्स को बीआईएस-अनुमोदित कलेक्शन और शुद्धता परीक्षण केंद्र (सीपीटीसी) स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।

भाग लेने वाले बैंक और रिफाइनरी पर्याप्त संख्या में सीपीटीसी (CPTC ‘s ) के साथ समझौते करने के लिए कदम उठाएंगे ताकि जीएमएस को बड़ी संख्या में शाखाओं की पेशकश की जा सकेगा।

इस नयी स्कीम के अनुकूल बैंक अब भारतीय रेफिने सोना खरीद भी सकता है और उसकी अदला बदली बी कर सकता है ।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा कि नई स्कीम के आने से घरों में रखे अधिकांश निष्क्रिय सोने को इकट्ठा करने से देश को सोने के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और चालू खाता घाटे के मुद्दे का समाधान होगा।

उन्होंने कहा कि जीएमएस में ज्वैलर्स शामिल हैं. यह एक प्रमुख कदम है क्योंकि भारतीय परिवार अपने परिवार के ज्वैलर्स पर भरोसा करते हैं। इससे लॉकर में पड़े बेकार सोने को जुटाना तुलनात्मक रूप से आसान हो जाएगा. मेहता ने कहा, “जीएमएस योजना को चलाने के लिए ज्वैलर्स की भागीदारी पूरी योजना को उपभोक्ता के अनुकूल बनाएगी और ज्वैलर्स को बड़े पैमाने पर लाभान्वित करेगी।

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